| कोड: 289017 | दिनांक: 2012/01/06 | स्रोत: | print |
आसिफ़ी इमामबाड़े में निकला बहत्तर ताबूत का जुलूस |
बहत्तर ऐ ख़ुदा वालों, सलाम ऐ करबला वालों
लखनऊ की मशहूर अन्जुमन, अन्जुमने शब्बीरिया की ओर लखनऊ के ऐतिहासिक आसिफ़ी इमामबाड़े में 10 सफ़र को इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में बहत्तर ताबूत का जुलूस निकाला गया। जुलूस से पहले दोपहर 3 बजे हुई मजलिस को मौलाना तक़ी रज़ा ने सम्बोधित किया। मौलाना ने इमाम हुसैन की बेटी जनाबे सकीना पर हुए मसाएब बयान किए। मजलिस के उपरान्त इमामबाड़े के सहन में ताबूतों के आने का सिलसिला शुरू हुआ जिसके साथ-साथ जनाब क़ैसर जौनपुरी ने करबला के शहीदों पर हुए मसाएब बयान किए और उनकी शहादत का मंज़र पेश किया। जुलूस के पीछे पीछे अन्जुमने शब्बीरिया ने, बहत्तर ऐ ख़ुदा वालों, सलाम ऐ करबला वालों, की सदा बलंद करते हुए सीनाज़नी की जिसके बाद जुलूस समाप्त हुआ। जुलूस में बड़ी संख्या में औरत, मर्द और बच्चों नें शिरकत कर इमाम हुसैन और उनके साथियों की क़ुरबानी को याद किया। जुलूस की समाप्ति के बाद देर रात तक इमामबाड़े में अक़ीदतमंदों के आने का सिलसिला जारी रहा जिन्होने ताबूतों की ज़ियारत की और दुआएं मांगी।
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