संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव बान की मून ने बहरैन में शासन विरोधी प्रदर्शनों के सऊदी समर्थित बहरैनी सुरक्षा बलों द्वारा दमन किए जाने पर चिंता जताई है।
मंगलवार को बान की मून के कार्यालय से जारी बयान में आया है कि महासचिव बहरैन की स्थिति विशेष रूप से सुरक्षा बलों और जनता के बीच जारी झड़पों से बहुत चिंतित हैं जिसमें बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून का बयान ऐसी स्थिति में आया है जब बहरैनी पुलिस द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही जनता का दमन जारी है। बान की मून ने बहरैनी शासन से सभी गिरफ़्तार किए गए लोगों सहित बहरैनी जनता के मूलभूत मानवाधिकारों के सम्मान की मांग की है। बान की मून के कार्यालय से जारी बयान में आया है कि महासचिव ने एक बार फिर बहरैनी अधिकारियों से बिना विलंब किए मानवीय आधार व उचित प्रक्रिया द्वारा मानवाधिकार कार्यकर्ता अब्दुल हादी अलख़्वाजा के मामले को हल करने की मांग की है। बहरैनी शासन की जेल में बंद अब्दुल हादी अलख़्वाजा अपने विरुद्ध आजीवन कारावास के निर्णय के विरुद्ध दो महीने से अधिक समय से भूख हड़ताल पर हैं।
ज्ञात रहे 36वर्षीय सलाह हबीब 17 मार्च 2012 से बहरैनी सुरक्षा बलों की दमनात्मक कार्यवाही में शहीद होने वाले नौवें बहरैनी हैं। 21 अप्रैल को उनका शव राजधानी मनामा के निकट गांव में एक घर की छत से बरामद हुआ था।
उल्लेखनीय है कि आले ख़लीफ़ा शासन बहरैन की सत्ता पर दो सौ तीस वर्षों से अधिक समय से क़ब्ज़ा किए हुए है जिसे सत्ता से हटाने के लिए इस देश में फ़रवरी 2011 से जनक्रान्ति जारी है।
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