मिस्र में क्रान्तिकारी संगठनों और राजनैतिक दलों ने तानाशाह हुस्नी मुबारक को फांसी के बजाए आजीवन कारावास का दंड दिए जाने और तानाशाह के कई सहयोगियों को बरी कर दिए जाने के फ़ैसले का विरोध करते हुए आज फिर क़ाहेरा के अत्तहरीर स्क्वायर पर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को और बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने की घोषणा की है। प्रदर्शनकर्ताओं का कहना था कि क्रान्तिकारी अदालत का गठन होना चाहिए जिसमें पूर्व शासन के तत्वों पर न्यायिक कार्यवाही हो और अहमद शफ़ीक़ को जो पूर्व शासन में प्रधानमंत्री के पद पर आसीन रह चुके हैं चुनावीं एवं राजनैतिक गतिविधियों से रोका जाए। प्रदर्शनकारियों ने न्यायालय के फ़ैसले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे दिखावटी कार्यवाही ठहराया और यह प्रश्न उठाया कि जब हुस्नी मुबारक भी दोषी नहीं है और अन्य अधिकारियों ने भी कोई अपराध नहीं किया है तो फिर सैकड़ों की संख्या में क्रान्तिकारियों का जनसंहार कैसे हुआ?
उधर राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार मोहम्मद मुर्सी ने प्रदर्शनकर्ताओं से अपनी एकजुटता की घोषणा की और मुबारक तथा उसके सहयोगियों को कड़ा दंड दिए जाने की मांग की।
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