म्यांमार में मुसलमानों के नरसंहार पर पश्चिमी देशों की चुप्पी, उनके झूठे दावों का स्पष्ट उदाहरण
कोड: 330790 दिनांक: 2012/07/22 - 11:03स्रोत: print

आतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनईः
म्यांमार में मुसलमानों के नरसंहार पर पश्चिमी देशों की चुप्पी, उनके झूठे दावों का स्पष्ट उदाहरण

इस्लामी क्रांति के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनई ने कहा है कि इस्लामी राष्ट्र का सौभाग्य, अपनी संस्कृति और सभ्यता को ईश्वरीय संदेश, आध्यात्मिकता और नैतिक के आधार पर ढ़ालने में है۔۔...... 

 म्यांमार में मुसलमानों के नरसंहार पर पश्चिमी देशों की चुप्पी, उनके झूठे दावों का स्पष्ट उदाहरण

इस्लामी क्रांति के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनई ने कहा है कि इस्लामी राष्ट्र का सौभाग्य, अपनी संस्कृति और सभ्यता को ईश्वरीय संदेश, आध्यात्मिकता और नैतिक के आधार पर ढ़ालने में है।
इस्लामी क्रांति के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनई ने कल शाम कुरआन के कारियों, हाफ़िज़ों और अध्यापकों की सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि ईरान ईश्वरीय निर्देशों और कुरानी आध्यात्मिकता पर आधारित संस्कृति और समाज का निर्माण चाहता है। आपने पश्चिम की भौतिक और नैतिकता और आध्यात्मिकता से दूर संस्कृति में मानवों के शोषण की ओर इशारा करते हुए कहा कि म्यांमार में मुसलमानों के नरसंहार पर पश्चिमी देशों की चुप्पी, नैतिकता और मानवाधिकार के बारे में उनके झूठे दावों का स्पष्ट उदाहरण है।
इस्लामी क्रांति के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनई ने कहा कि पश्चिमी संस्कृति ने पिछली शताब्दियों के दौरान जहां कहीं भी अपना कदम जमा लिया है वहां विनाश व बर्बादी और मनुष्यों के शोषण के अलावा कुछ प्राप्त नहीं हुआ है।
हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनई ने कहा कि सम्मान, आध्यात्मिकता और भौतिकता में विकास, अच्छा चरित्र और दुश्मनों पर आधिपत्य, कुरआन की शिक्षाओं पर अमल करने के द्वारा ही प्राप्त होंगे।
आपने मुस्लिम राष्ट्रों की जागरूकता की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि मुस्लिम राष्ट्र ईश्वरीय निर्देशों, आध्यात्मिक और नैतिक आधार पर अपनी संस्कृति को परवान चढ़ाएं तो इंसानों को सौभाग्य प्राप्त होगा।
इस्लामी क्रांति के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनई ने ईरान में कुरान से स्नेह विशेषकर जवानों में उसके प्रति जागरूकता पर प्रसन्नता जताई और कुरआन के अर्थ में विचार करने और उस के पालन करने पर ताकीद की।
उल्लेखनीय है कल शाम को पवित्र रमज़ान के पहले दिन इस्लामी क्रांति के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनई की मौजूदगी में कुरान से स्नेह के शीर्षक के अंतर्गत एक सभा आयोजित हुई। इस सभा में कुरआन के उस्तादों, कारियों और हाफ़िज़ों ने कुरआन की आयतों की तिलावत का सौभाग्य प्राप्त किया।

समाचार समाप्त
........
166




 




ई मेल:
नाम:
आपकी टिप्पणियां:
Enter security code
erfan
ABNA World Service
Englishالعربية
Françaisاردو
Españolفارسی
Русский中文
DeutschTürkçe
Azeri (cyr) Azeri (ltin)
Melayu Indonesia
বাংলা हिन्दी
Swahili Myanmar
BosanskiABP sites
  नवीनतम शीर्षक