इस्लामी जगत शक्ति के ध्रुव में परिवर्तित होने वाला है
कोड: 276666 दिनांक: 2011/11/05स्रोत: print

इस्लामी जगत शक्ति के ध्रुव में परिवर्तित होने वाला है


 इस्लामी जगत शक्ति के ध्रुव में परिवर्तित होने वाला है

ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामनेई ने दो चीज़ों, एक इस्लामी राष्ट्र के प्रतिरोध और दूसरे विश्व साम्राज्य के मुक़ाबले में होशियारी पर बल दिया है। वरिष्ठ नेता ने बल देकर कहा है कि पश्चिमी देशों के चंगुल से इस्लामी देशों की मुक्ति का मार्ग "मज़बूत इस्लामी जगत के ध्रुव का गठन" है। इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने आज शनिवार को हज के महासम्मेलन के नाम अपने संदेश में कुछ महत्वपूर्ण इस्लामी देशों में प्रतिरोध और क्रांति को इस्लामी जगत की महत्वपूर्ण घटना बताया और स्पष्ट किया कि ये घटनायें इस्लामी राष्ट्रों के भविष्य को परिवर्तित कर सकती हैं। इसी प्रकार वरिष्ठ नेता ने कहा कि ये घटनायें राष्ट्रों के उज्वल भविष्य के निर्माण के साथ साथ उनकी भौतिक व अध्यात्मिक प्रगति का निमंत्रण देती हैं। इस वर्ष हज का मौसम मुसलमानों के लिए विशेष रंग व रूप लिये है। गत कई महीनों के दौरान उत्तरी अफ्रीक़ा से लेकर मध्यपूर्व के कुछ इस्लामी देशों में इस्लामी जागरुकता के कारण महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए हैं और हज के महासम्मेलन में इन परिवर्तनों का प्रभाव पड़ना निश्चित है। इस वर्ष हज का मौसम ऐसी स्थिति में आ पहुंचा है जब टयूनिशिया, मिस्र और लिबिया में तानाशाही सरकारों का अंत हो चुका है और अब इन देशों की जनता ऐसी सरकार की स्थापना के प्रयास में है जिसका आधार लोगों की इच्छा हो। बहरैन और यमन में जारी घटनायें भी इस बात की सूचक हैं कि इन देशों की तानाशाही सरकारें अपने अंत के निकट हैं। इन देशों में होने वाले परिवर्तनों की प्रक्रिया ने दर्शा दिया है कि इन देशों में जो कुछ हो रहा है वह जन चेतना व इस्लामी जागरुकता का परिणाम है और लोग तानाशाही सरकारों का अंत करके उसके स्थान पर इस्लामी क़ानूनों पर आधारित लोकतांत्रिक सरकारों का गठन करना चाहते हैं। जैसाकि टयूनीशिया और लीबिया में ज़िम्मेदार व्यक्तियों व अधिकारियों ने कहा है कि इन देशों की भावी सरकारों के आधार इस्लामी क़ानून होंगे। मिस्र में भी लोग हुस्नी मुबारक की तानाशाही सरकार के स्थान पर लोकतांत्रिक सरकार के गठन के इच्छुक हैं। संक्षेप में यह कि उत्तरी अफ्रीक़ा एवं मध्यपूर्व के इस्लामी देशों में जन चेतना एवं इस्लामी जागरुकता की जो लहर आई है उससे इस्लामी जगत एक मज़बूत व शक्तिशाली ध्रुव में परिवर्तित होने वाला है और क्षेत्र के देश एक दूसरे के साथ सहकारिता व सहयोग करके इस्लामी जगत की बहुत सी समस्याओं का समाधान स्वयं कर सकते हैं।(एरिब डाट आई आर के धन्यवाद के साथ)

 




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